“ब्रॉन्ज की जगह ब्रॉन्ज कलर मार दिया सांय-सांय” : अटल प्रतिमा पर देवेंद्र यादव का बड़ा हमला, बोले- फंड आया ब्रॉन्ज का, मूर्ति बना दी सीमेंट की
कटघोरा के अटल परिसर निर्माण पर सियासी घमासान तेज, कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा सरकार पर साधा निशाना

कटघोरा। कटघोरा के बहुचर्चित अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा को लेकर विवाद अब राजनीतिक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। प्रतिमा की गुणवत्ता और निर्माण सामग्री को लेकर पहले से उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस नेता और विधायक देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
देवेंद्र यादव ने अटल प्रतिमा की तस्वीर और संबंधित दस्तावेजों की तस्वीर साझा करते हुए प्रतिमा निर्माण पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रॉन्ज मेटल की प्रतिमा के लिए फंड आने के बावजूद कथित तौर पर सीमेंट की मूर्ति तैयार कर दी गई और उसे ब्रॉन्ज कलर से रंग दिया गया।

“ब्रॉन्ज की जगह ब्रॉन्ज कलर मार दिया सांय-सांय”
देवेंद्र यादव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा— “ब्रॉन्ज की जगह ब्रॉन्ज कलर मार दिया सांय-सांय।” इसके बाद उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

उन्होंने लिखा कि “कहावत है डायन भी सात घर छोड़कर वार करती है, इन पिशाचों ने अपने पितृ पुरुष श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को भी नहीं छोड़ा।”
देवेंद्र यादव का आरोप है कि प्रतिमा के लिए ब्रॉन्ज मेटल का फंड आया था, लेकिन मूर्ति सीमेंट की बना दी गई। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए ‘डबल इंजन’ सरकार पर भी तंज कसा।


प्रतिमा की तस्वीर बन गई सवालों का केंद्र
देवेंद्र यादव द्वारा साझा की गई तस्वीर में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के एक हिस्से में क्षतिग्रस्त सतह दिखाई दे रही है। इसी हिस्से को लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रतिमा के वास्तविक निर्माण में कौन-सी सामग्री इस्तेमाल हुई, इसका अंतिम और आधिकारिक जवाब हालांकि तकनीकी जांच से ही सामने आएगा। लेकिन कांग्रेस नेता के आरोप के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
फंड से लेकर निर्माण सामग्री तक उठे सवाल
यदि प्रतिमा निर्माण के लिए स्वीकृत राशि और तकनीकी दस्तावेजों में ब्रॉन्ज मेटल का स्पष्ट प्रावधान था, तो यह जांच का महत्वपूर्ण विषय बन जाता है कि मौके पर वास्तव में किस सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि—
प्रतिमा निर्माण के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई?
कार्यादेश में प्रतिमा की निर्माण सामग्री क्या निर्धारित थी?
भुगतान किस सामग्री के आधार पर किया गया?
मौके पर इस्तेमाल सामग्री की तकनीकी जांच हुई या नहीं?
और सबसे बड़ा सवाल—क्या दस्तावेजों में दर्ज सामग्री और मौके पर बनी प्रतिमा में कोई अंतर है?
पहले निर्माण गुणवत्ता, अब प्रतिमा की सामग्री पर सवाल
अटल परिसर निर्माण को लेकर पहले से ही निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। परिसर और प्रतिमा से जुड़े विवाद के बीच अब कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव की पोस्ट ने पूरे मामले को राजनीतिक बहस में ला दिया है।
एक तरफ निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर जांच की चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ प्रतिमा की निर्माण सामग्री को लेकर सीधे आरोप सामने आए हैं। ऐसे में जांच का दायरा केवल निर्माण की मजबूती तक सीमित न रहकर प्रतिमा की सामग्री, डिजाइन, लागत और भुगतान तक पहुंचने की मांग उठ सकती है।
दस्तावेज खोलेंगे ‘ब्रॉन्ज’ का राज या आरोप साबित होंगे गलत?
फिलहाल देवेंद्र यादव द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में वास्तविक स्थिति तकनीकी जांच और सरकारी दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।
यदि रिकॉर्ड में ब्रॉन्ज मेटल की प्रतिमा का प्रावधान मिलता है और मौके पर दूसरी सामग्री का इस्तेमाल साबित होता है, तो मामला गंभीर वित्तीय और तकनीकी अनियमितता का बन सकता है। वहीं यदि सरकारी रिकॉर्ड में अलग सामग्री निर्धारित होने की बात सामने आती है, तो लगाए गए आरोपों की तस्वीर भी साफ हो जाएगी।
अब प्रशासन के जवाब का इंतजार
अटल प्रतिमा विवाद पर कांग्रेस नेता के गंभीर आरोपों के बाद अब नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक जवाब पर नजर है। प्रशासन यदि प्रतिमा निर्माण से जुड़े स्वीकृति आदेश, कार्यादेश, तकनीकी विवरण और भुगतान संबंधी दस्तावेज सार्वजनिक करता है, तो पूरे विवाद की सच्चाई सामने आ सकती है।
फिलहाल एक ओर जांच की प्रक्रिया चल रही है और दूसरी ओर प्रतिमा को लेकर राजनीतिक आरोप तेज हो गए हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के बहाने उठे ये सवाल अब सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहते हैं या जांच में कोई ठोस तथ्य सामने आता है—इसका फैसला आने वाले दिनों में होगा।









